मां के बाद अपहृत डेढ़ साल के बेटे की भी हत्या, 22 घंटे बाद अपार्टमेंट के पीछे मिला मासूम का शव

 शहर की पॉश कालोनी प्रताप नगर में अपार्टमेंट में घुसकर महिला की हत्या के बाद अपहृत 21 माह के बेटे श्रीयम की भी हत्या कर दी। बुधवार को अपार्टमेंट के पीछे जंगल से उसका शव बरामद किया। अपहरणकर्ताओं ने बेटे को छोड़ने की एवज में मृतका के मोबाइल से ही उसके पति को एसएमएस करके 30 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी। वारदात के बाद 100 पुलिसकर्मियों की टीम श्रीयम की तलाश में जुटी थी। हालांकि, नतीजा सिफर रहा।


मंगलवार को इंडियन ऑयल कारपोरेशन (आईओसी) के मैनेजर रोहित तिवारी के फ्लैट में पत्नी श्वेता की हत्या कर दी गई। बदमाशों ने उनके बेटे श्रीयम (21 महीने) को अगवा कर लिया था। श्वेता की हत्या के बाद आरोपी उसका मोबाइल भी साथ ले गए। इसी फोन से रोहित को मैसेज भेजकर फिरौती मांगी थी। मैसेज पढ़ते ही रोहित ने कॉल बैक किया और अपहरणकर्ताओं से कहा- मैं 30 लाख रु. देने को तैयार हूं। प्लीज, एक बार मेरे बच्चे का चेहरा दिखा दो। मगर बदमाश नहीं माने। उन्होंने धमकी दी है कि परसों तक गांधीनगर रुपए लेकर आ जाना। हालांकि, पैसे किस जगह आकर देने हैं, ये नहीं बताया और फोन काट दिया था।



श्रीयम के सिर पर किसी हथियार से वार कर हत्या का अंदेशा


डीसीपी ईस्ट डॉ राहुल जैन ने बताया कि श्रीयम के कपड़ों के पीछे कैपनुमा हुड पर खून के निशान मिले है। उसके सिर पर भी चोट का निशान है। इसके अलावा घर में मौजूद उस बिस्तर पर भी कुछ वैसे ही खून के धब्बे लगे थे। जो कि एफएसएल टीम के मौका मुआयना करने के दौरान मिले थे। इससे माना जा रहा है कि श्रीयम की हत्या उसके सिर पर किसी हथियार से वारकर की गई थी। यह भी माना जा रहा है कि मंगलवार को श्रीयम की हत्या उसकी मां श्वेता की हत्या के बाद ही कर दी गई थी। 


अपार्टमेंट में सर्च पूरी होने पर पुलिस टीम बाहर पहुंची तब दीवार के सहारे नजर आया शव
इसके बाद शव इसी अपार्टमेंट के पीछे बाउंड्री वॉल के नजदीक झाड़ियों के बीच बुधवार दोपहर करीब 3 बजे उस वक्त मिला। जब अपार्टमेंट के लगभग सभी हिस्सों में सर्च कार्रवाई पूरी करने के बाद तलाशी में जुटे पुलिसकर्मी अपार्टमेंट के पीछे बने जंगलनुमा खाली भूमि पर गए। जहां झाड़ियों के बीच बच्चे का शव नजर आया।


पिता को मौके पर ले जाकर करवाई श्रीयम के शव की शिनाख्त 
जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 3 बजे अपहृत हुए श्रीयम का शव मिलने पर उसकी शिनाख्त करनी जरुरी थी। ऐसे में पुलिस टीम पूछताछ के लिए लिए गए रोहित तिवाड़ी को उस जगह पर लेकर पहुंची। जहां श्रीयम का शव पड़ा था। तब रोहित ने शव की पहचान अपने अपहृत हुए बेटे श्रीयम के रूप में की। इसके बाद पुलिस टीम शव को उठाकर महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी पर पहुंचाया। जहां उसका भी मेडिकल बोर्ड की टीम से पोस्टमार्टम करवाया।  


श्वेता के सिर पर मूसली से सिर वार किया, चाकू से गला रेता
पुलिस के मुताबिक, महिला के शव के पास अदरक कूटने की मूसली मिली, जिस पर खून के निशान हैं। इससे महिला के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए गए। एक चाकू भी बरामद किया गया है, जो शव से कुछ दूर ही पड़ा था। माना जा रहा है कि इसी चाकू से महिला की गर्दन रेती गई। पुलिस को शक है कि किसी करीबी ने वारदात को अंजाम दिया।


मोबाइल में पैटर्न लॉक था, करीबी ने फिरौती का मैसेज भेजा!
श्वेता के मोबाइल पर पैटर्न लॉक था। ऐसे में पुलिस का मानना है कि वारदात में कोई नजदीकी शामिल है। अब इस दिशा में जांच हो रही कि जब बदमाशाों को फिरौती के लिए बच्चे का अपहरण करना था तो श्वेता की हत्या क्यों की। ऐसे में पुलिस मान रही है कि या तो श्वेता ने अपहरणकर्ताओं को पहचान लिया था या फिर बदमाश हत्या करने की नीयत से ही आए थे। फ्लैट में रखा सारा सामान सुरक्षित है और श्वेता से संघर्ष भी नहीं हुआ।



बुधवार को खुद डीसीपी (पूर्व) डॉ. राहुल जैन ने यूनिक अपार्टमेंट और अन्य ऑफिसर्स ने डेरा जमाए रखा। वहीं, श्वेता के पिता-माता और अन्य परिजन बुधवार को कानपुर से जयपुर पहुंचे। इसके बाद श्वेता के शव का बुधवार दोपहर बाद महात्मा गांधी अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया गया।